मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
जिन्हे अपना समझा, वो हमेशा Busy रहे दुसरो के लिए और हमने उनके इंतज़ार में जाने क्या क्या नहीं खोया.
आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया
ये वक़्त नहीं खजाना है साहब लोग तब ही निकलते हैं जब उनके फायदे की बात हो।
व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।
मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
जिन्हे अपना समझा, वो हमेशा Busy रहे दुसरो के लिए और हमने उनके इंतज़ार में जाने क्या क्या नहीं खोया.
आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया
ये वक़्त नहीं खजाना है साहब लोग तब ही निकलते हैं जब उनके फायदे की बात हो।
व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।