हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
मेरे पास नफरत करने वालों के लिए वक़्त नहीं क्यूंकि मैं तो अपने चाहने वालों के संग व्यस्त हूँ।
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
मेरे पास नफरत करने वालों के लिए वक़्त नहीं क्यूंकि मैं तो अपने चाहने वालों के संग व्यस्त हूँ।
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।