बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।

बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।

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सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।

आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया

आजकल हर कोई Busy है, लेकिन उन लोगों के लिए available भी है.. जो उसके लिए महत्वपूर्ण है.

जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….

Busy ना हो, तब भी सब के लिए सुलभ मत हो जाईये साहब वर ना हर गुजरते दिन के साथ अहमियत खोते जायेंगे.

हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….

सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।

आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया

आजकल हर कोई Busy है, लेकिन उन लोगों के लिए available भी है.. जो उसके लिए महत्वपूर्ण है.

जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….

Busy ना हो, तब भी सब के लिए सुलभ मत हो जाईये साहब वर ना हर गुजरते दिन के साथ अहमियत खोते जायेंगे.

हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….