मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो