सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं