जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं