हम क्या थोड़ा सा व्यस्त हो गए ये रिश्तों के रास्ते मेरे लिए बंद हो गए।
ना रह गई किसी काम की ये ज़िन्दगी इतना व्यस्त कर दिया की सब कुछ पाने के बाद अब आराम ढूंढ रहा हूँ।
हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
घोंसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गए, की उड़ने को पंख भी थे..ये भी भूल गए ……
हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।
हम क्या थोड़ा सा व्यस्त हो गए ये रिश्तों के रास्ते मेरे लिए बंद हो गए।
ना रह गई किसी काम की ये ज़िन्दगी इतना व्यस्त कर दिया की सब कुछ पाने के बाद अब आराम ढूंढ रहा हूँ।
हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
घोंसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गए, की उड़ने को पंख भी थे..ये भी भूल गए ……
हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।