इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।
हम क्या थोड़ा सा व्यस्त हो गए ये रिश्तों के रास्ते मेरे लिए बंद हो गए।
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।
हम क्या थोड़ा सा व्यस्त हो गए ये रिश्तों के रास्ते मेरे लिए बंद हो गए।
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..