हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।
Busy होने पर भी वो मेरे लिए समय निकाल लेता है वो शख्स सच मैं मुझे खुद से ज्यादा अहमियत देता है.
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
दुनिया कि सबसे अधिक अच्छी तीन आदतें हैं , प्रसन्न रहना, व्यस्त रहना, लोगों के साथ सदव्यवहार बनायें रखना……
स्मार्ट हो आप तो बुरे हम भी नही, इंटेलिजेंट हो आप तो बुद्धू हम भी नही, दोस्ती करके कहते हो बिजी है हम……
हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।
Busy होने पर भी वो मेरे लिए समय निकाल लेता है वो शख्स सच मैं मुझे खुद से ज्यादा अहमियत देता है.
आज कल लोग अपने आराम में इतना व्यस्त हो गए है की उनके पास अपनों से मिलने का वक़्त ही नहीं है।
दुनिया कि सबसे अधिक अच्छी तीन आदतें हैं , प्रसन्न रहना, व्यस्त रहना, लोगों के साथ सदव्यवहार बनायें रखना……
स्मार्ट हो आप तो बुरे हम भी नही, इंटेलिजेंट हो आप तो बुद्धू हम भी नही, दोस्ती करके कहते हो बिजी है हम……