हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
आजकल हर कोई Busy है, लेकिन उन लोगों के लिए available भी है.. जो उसके लिए महत्वपूर्ण है.
सब दौड़ रहे हैं किसी दौड़ में यहाँ समझ नहीं आ रहा कोई जीतता भी है या सब बस भाग ही रहे हैं।
ना रह गई किसी काम की ये ज़िन्दगी इतना व्यस्त कर दिया की सब कुछ पाने के बाद अब आराम ढूंढ रहा हूँ।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तो में दरार आ जाते है ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है.
हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
आजकल हर कोई Busy है, लेकिन उन लोगों के लिए available भी है.. जो उसके लिए महत्वपूर्ण है.
सब दौड़ रहे हैं किसी दौड़ में यहाँ समझ नहीं आ रहा कोई जीतता भी है या सब बस भाग ही रहे हैं।
ना रह गई किसी काम की ये ज़िन्दगी इतना व्यस्त कर दिया की सब कुछ पाने के बाद अब आराम ढूंढ रहा हूँ।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तो में दरार आ जाते है ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है.