दुनिया कि सबसे अधिक अच्छी तीन आदतें हैं , प्रसन्न रहना, व्यस्त रहना, लोगों के साथ सदव्यवहार बनायें रखना……
व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
जिन्हे अपना समझा, वो हमेशा Busy रहे दुसरो के लिए और हमने उनके इंतज़ार में जाने क्या क्या नहीं खोया.
दुनिया कि सबसे अधिक अच्छी तीन आदतें हैं , प्रसन्न रहना, व्यस्त रहना, लोगों के साथ सदव्यवहार बनायें रखना……
व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।
जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….
जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
जिन्हे अपना समझा, वो हमेशा Busy रहे दुसरो के लिए और हमने उनके इंतज़ार में जाने क्या क्या नहीं खोया.