मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है