मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे