अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

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जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते

अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते

अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं