खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….

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आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया

बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।

जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….

मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …

स्मार्ट हो आप तो बुरे हम भी नही, इंटेलिजेंट हो आप तो बुद्धू हम भी नही, दोस्ती करके कहते हो बिजी है हम……

आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

आजकल इतना Busy हर इंसान हो गया और सब कुछ तो पाया, पर सुकून खो गया

बस काम का नाम आना चाहिए लोग वक़्त भी निकालते हैं और झूठी मुस्कराहट भी।

जिंदगी को भी कशमकश ही बना दिया है हमने, व्यस्त तो जरुर है इसे जीने में, बेखबर इसके मकसद से….

मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …

स्मार्ट हो आप तो बुरे हम भी नही, इंटेलिजेंट हो आप तो बुद्धू हम भी नही, दोस्ती करके कहते हो बिजी है हम……