शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी