ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

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कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..