ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

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समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं