दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.