बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है
फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है
फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस