बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है