हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।