जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है