शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा