जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना
कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर, अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर
जब हमने ऊपर उठने की कोशिश की तो पीछे खिचने वाले वो ही लोग थे, जिन्हे हम अपना समझ बैठे थे।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
दुनिया मे सिर्फ दो ही लोग धोखा खाते है, एक जो अपनों पर आँख बंद करके भरोसा करते है, और दूसरे जो बिना सोचे समझे दोस्ती करते है।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना
कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर, अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर