सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
जाने क्यू लोग दोस्ती करते है, और दोस्ती के आड़ मे दुश्मनी निभाते है।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।
सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।
लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।
जाने क्यू लोग दोस्ती करते है, और दोस्ती के आड़ मे दुश्मनी निभाते है।
लोगों का उसूल है जबतक पैसा है तब तक रिश्ता है।
मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे
जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।