जब पास पैसे थे तब सारी दुनिया साथ थी, आज पास कुछ नहीं तो साथ भी कोई नहीं।

जब पास पैसे थे तब सारी दुनिया साथ थी, आज पास कुछ नहीं तो साथ भी कोई नहीं।

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मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे

आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे.. कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..

लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।

दुनिया बहुत स्वार्थी है, जबतक हमसे कोई काम होता है, तबतक दुनिया हमे पूछती है, और जब हमसे कोई काम नहीं होता, तब दुनिया हमारे बारे मे सोचती भी नहीं।

देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं

मज़बूत होने में मज़ा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो..

मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे, जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे

आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे.. कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..

लोग अब ईमानदार नहीं बेईमान हो गए है, जिस दिल मे रहते है उसी दिल को ठेस पहुँचाते है।

दुनिया बहुत स्वार्थी है, जबतक हमसे कोई काम होता है, तबतक दुनिया हमे पूछती है, और जब हमसे कोई काम नहीं होता, तब दुनिया हमारे बारे मे सोचती भी नहीं।

देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़ रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं