कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।

कलयुग का दर्शन करना चाहते हो तो एक मतलबी दोस्त बनाकर देखो, कलयुग का दर्शन उसके अंदर ही हो जाएगा।

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सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।

दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।

यह दुनिया मतलबी लोगों से भरी हुई है, किसी पर भी भरोसा मत कीजिए।

दोस्त भी दुश्मन बन जाता है, जब उसे अपना स्वार्थ नजर आता है।

इतिहास गवा है, जितना धोका दुश्मनों से नहीं हुआ उतना धोखा दोस्तों से हुआ है।

जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।

सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।

दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।

यह दुनिया मतलबी लोगों से भरी हुई है, किसी पर भी भरोसा मत कीजिए।

दोस्त भी दुश्मन बन जाता है, जब उसे अपना स्वार्थ नजर आता है।

इतिहास गवा है, जितना धोका दुश्मनों से नहीं हुआ उतना धोखा दोस्तों से हुआ है।

जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।