वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे
शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे
शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान