मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी