मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
इरादे मेरे हमेशा साफ़ होते हैं.. इसलिये कई लोग मेरे खिलाफ होते हैं..
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
इरादे मेरे हमेशा साफ़ होते हैं.. इसलिये कई लोग मेरे खिलाफ होते हैं..
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…