फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बहुत से लोग हैं जिनका हिसाब करना है
दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं
लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बहुत से लोग हैं जिनका हिसाब करना है
दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं
लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा