ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान

ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान

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तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी