रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
काम ऐसा करो की नाम हो जाए या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
काम ऐसा करो की नाम हो जाए या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी