हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..