लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

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बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है