लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

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आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो

खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो

जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!

सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ | नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये |

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो

खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो

जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!

सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ | नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये |