लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

Share:

More Like This

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं

हम अपना ‪status‬ दिलो पर ‪update‬ करते है ‪WhatsApp पर नहीं

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं

हम अपना ‪status‬ दिलो पर ‪update‬ करते है ‪WhatsApp पर नहीं

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…