सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे

सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे

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गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं