नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं