जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

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शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता