फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम
हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है
तेरा घमंड ही तुझे हराएगा मैं क्या हूँ ये तुझे वक़्त बताएगा
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम
हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है
तेरा घमंड ही तुझे हराएगा मैं क्या हूँ ये तुझे वक़्त बताएगा
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती