मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

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शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।

शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !

न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

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न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है