हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे