बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.