मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

Share:

More Like This

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!