मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

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जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।