हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है