हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए