समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

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हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही