लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
तुझे क्या लगता है तेरे जाने से गम होगा, नहीं मेरी जान बस एक कॉन्टैक्ट कम होगा
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
तुझे क्या लगता है तेरे जाने से गम होगा, नहीं मेरी जान बस एक कॉन्टैक्ट कम होगा
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है