मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ.
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं
मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ.
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं