मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..