मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

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अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम

जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम

जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा