दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
काम ऐसा करो की नाम हो जाए या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
काम ऐसा करो की नाम हो जाए या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!