ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी