मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

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तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

जैसी DP वैसा मैं !!

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

तेरा घमंड ही तुझे हराएगा मैं क्या हूँ ये तुझे वक़्त बताएगा

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

जैसी DP वैसा मैं !!

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

तेरा घमंड ही तुझे हराएगा मैं क्या हूँ ये तुझे वक़्त बताएगा

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया