हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..