लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है