मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

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मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो