पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..