अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

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अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

हम बाते हालत के हिसाब से करते है

सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे

अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

हम बाते हालत के हिसाब से करते है

सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे