शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला
हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं
मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे
हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम
गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला
हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं
मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे
हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम
गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं