अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

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समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं

समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं