साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है