सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा