पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता