जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
आदमी कभी भी इतना झूठा नहीं होता अगर औरतें इतने सवाल न करती
किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
अंग्रेजी की किताब बन गई हो तुम | पसंद तो आती हो पर समझ् मे नही ||
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
अगर कोई आपसे बेवजह नफरत करता है तो एक ज़ोरदार थप्पड़ मार कर उसे वजह दे दो
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
आदमी कभी भी इतना झूठा नहीं होता अगर औरतें इतने सवाल न करती
किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
अंग्रेजी की किताब बन गई हो तुम | पसंद तो आती हो पर समझ् मे नही ||
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
अगर कोई आपसे बेवजह नफरत करता है तो एक ज़ोरदार थप्पड़ मार कर उसे वजह दे दो