मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है
इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
'श्रद्धा' ज्ञान देती हैं, 'नम्रता' मान देती हैं, 'योग्यता' स्थान देती हैं पर तीनों मिल जाए तो... व्यक्ति को हर जगह 'सम्मान' देती हैं...!
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है
इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
'श्रद्धा' ज्ञान देती हैं, 'नम्रता' मान देती हैं, 'योग्यता' स्थान देती हैं पर तीनों मिल जाए तो... व्यक्ति को हर जगह 'सम्मान' देती हैं...!