इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो जिसे तुम पाना चाहते हो.. उस पर नही जिसे तुम खो चुके हो

ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग

"बहुत मुश्किल नहीं हैं, ज़िंदगी की सच्चाई समझना, "जिस तराज़ू ⚖पर दूसरों को तौलते हैं, उस पर कभी ख़ुद बैठ के देखिये।

इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।

कुशल व्यवहार आपके जीवन का आईना है.. इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे. आपकी चमक उतनी ही बढ़ जाएगी...!!

उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो जिसे तुम पाना चाहते हो.. उस पर नही जिसे तुम खो चुके हो

ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग

"बहुत मुश्किल नहीं हैं, ज़िंदगी की सच्चाई समझना, "जिस तराज़ू ⚖पर दूसरों को तौलते हैं, उस पर कभी ख़ुद बैठ के देखिये।

इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।

कुशल व्यवहार आपके जीवन का आईना है.. इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे. आपकी चमक उतनी ही बढ़ जाएगी...!!