इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते

जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!

जो खैरात में मिलती कामयाबी तो हर शख्स कामयाब होता, फिर कदर न होती किसी हुनर की और न ही कोई शख्स लाजवाब होता

नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है

हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते

जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!

जो खैरात में मिलती कामयाबी तो हर शख्स कामयाब होता, फिर कदर न होती किसी हुनर की और न ही कोई शख्स लाजवाब होता

नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है