जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी
जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी