कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.
खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं