इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो

जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको

कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो

जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको

कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है