इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है

जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है

अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है

किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,

मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है

जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है

अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है

किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,