तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
आपकी मर्जी के बिना कोई भी आपको तुच्छ होने का अहसास नहीं करवा सकता है