इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है

जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है

जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है