इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.

अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!

मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.

अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!