इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!
जो व्यवहार आपको दूसरों से पसंद ना हो ऐसा व्यवहार आप दूसरों के साथ भी ना करे
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!
जो व्यवहार आपको दूसरों से पसंद ना हो ऐसा व्यवहार आप दूसरों के साथ भी ना करे
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो