इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

Share:

More Like This

इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग

इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था

शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग