इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"

हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं

मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"

हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं