इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!

कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है

किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते

किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!

कभी ना कहो की दिन अपने ख़राब है। समझ लो की हम काँटों से घिर गए गुलाब है।।

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है

किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते