इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

Share:

More Like This

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग

अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात पता है क्या है ? वो भी बीत जाता है

तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग

अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात पता है क्या है ? वो भी बीत जाता है

तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.