इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है

लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।

जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है

लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।