अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
'बदलना' तय है ! हर चीज़ का.. इस संसार में...! बस कर्म अच्छे करें..
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
'बदलना' तय है ! हर चीज़ का.. इस संसार में...! बस कर्म अच्छे करें..
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है