इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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मौन रहना अच्छा है परन्तु....

अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है

मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.

संभालना ही है तो रिश्ते संभालो तस्वीरे तो हर कोई संभाल के रखता है

कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

मौन रहना अच्छा है परन्तु....

अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है

मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.

संभालना ही है तो रिश्ते संभालो तस्वीरे तो हर कोई संभाल के रखता है

कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है