इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

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आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!

आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!