सदैव
जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है
जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
सदैव
जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है
जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता