मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं

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एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा

मुश्किल वक़्त में किसी का सहारा बनो सलाहकार नही

"सार्वजनिक"​ रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत"​ में बताने पर ​"सलाह"​ बन जाती है...!!

अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..

सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है

भूल जाओ बीते हुए कल को दिल में बसा लो आने वाले कल को मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल खुशियां लाएगा आपके आने वाला कल

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सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है

भूल जाओ बीते हुए कल को दिल में बसा लो आने वाले कल को मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल खुशियां लाएगा आपके आने वाला कल