सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते

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शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं

मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

किसी के दर्द की बैंडेज मत बनो क्योंकि जब घाव भर जाएगा तो तुम कूड़ेदान में फेंक दिए जाओग

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं

मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।