तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
सदैव
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
सदैव
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा