मोहब्बत कभी खत्म नही होती या तो बढ़ती है दर्द बनकर या फिर सुकून बनकर..।।

मोहब्बत कभी खत्म नही होती या तो बढ़ती है दर्द बनकर या फिर सुकून बनकर..।।

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एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे

प्यार आज भी तुझसे उतना ही है बस तुझे एहसास नहीं और हमने भी जताना छोड़ दिया

प्यार भी कितना अजीब होता है न , वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||

एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे

प्यार आज भी तुझसे उतना ही है बस तुझे एहसास नहीं और हमने भी जताना छोड़ दिया

प्यार भी कितना अजीब होता है न , वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||