वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही!!
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए
वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही!!
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए