न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।
जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …
मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
प्रगति नहीं… उत्तमता के लिए प्रयास करो…
किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे… तो आप सफल हो जाएंगे।
मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।
न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।
जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …
मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
प्रगति नहीं… उत्तमता के लिए प्रयास करो…
किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे… तो आप सफल हो जाएंगे।
मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।