प्रगति नहीं… उत्तमता के लिए प्रयास करो…

प्रगति नहीं… उत्तमता के लिए प्रयास करो…

Share:

More Like This

चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।

ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है

विजेता बहाने नहीं बनाते…

रुकने का नहीं … चलते रहो।…

वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में

चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।

ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है

विजेता बहाने नहीं बनाते…

रुकने का नहीं … चलते रहो।…

वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में