मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
हिम्मत बताई नहि, दिखाई जाती है.
रुकने का नहीं … चलते रहो।…
भार उठाना मेरी फितरत में है…
होंसला रख… कामयाबी जरुरु मिलेगी….!
जिम… मेरा दूसरा घर है।
मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
हिम्मत बताई नहि, दिखाई जाती है.
रुकने का नहीं … चलते रहो।…
भार उठाना मेरी फितरत में है…
होंसला रख… कामयाबी जरुरु मिलेगी….!
जिम… मेरा दूसरा घर है।