अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
एक घंटे की कसरत … आपके दिन का 4%, NO EXCUSES
मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में
जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
रुकने का नहीं … चलते रहो।…
अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
एक घंटे की कसरत … आपके दिन का 4%, NO EXCUSES
मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में
जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
रुकने का नहीं … चलते रहो।…