किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।

किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।

Share:

More Like This

मुझे 99 समस्याएं मिलीं, लेकिन मैं GYM जा रहा हूं … और सभी को अनदेखा कर रहा हूं।

अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम

जिम… मेरा दूसरा घर है।

एक घंटे की कसरत … आपके दिन का 4%, NO EXCUSES

कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।

मुझे 99 समस्याएं मिलीं, लेकिन मैं GYM जा रहा हूं … और सभी को अनदेखा कर रहा हूं।

अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम

जिम… मेरा दूसरा घर है।

एक घंटे की कसरत … आपके दिन का 4%, NO EXCUSES

कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।